मुझे छोटी छोटी चीज़ों पर ध्यान देने की आदत है,
जैसे वो गोल-गोल फ़ुल स्टॉप,
जो बीच मे आ गया है हमारे.
और अपने भीतर ही समेट ली हैं उसने वो सारी बातें,
जो अब बिना बोले जाए ही बेहरा कर देंगी इस रिश्ते को.
मुझे छोटी छोटी चीज़ों पर ध्यान देने की आदत है,
जैसे वो घुमावदार कोमा,
रोक कर खड़ा है उन शब्दों के बहाव को,
जिनसे सबकुछ साफ़ हो सकता है,
इंतज़ार कर रहा है किसी के उसको सुलझाने का.
जानता नही कि सही जगह लगकर,
वो खुद ही अपनी समस्याओं का समाधान बन जाएग.
मुझे छोटी छोटी चीज़ों पर ध्यान देने की आदत है,
जैसे वो इनवरटेड कोमा की जोड़ी
जो फुदक फुदक कर वही बात चिल्लाए जा रही है.
बस कोई सुनता नहीं,
शायद समय की भूल भुलैया में खोकर,
वो शब्द अपना अस्तित्व गवा चुकें हैं.
मुझे छोटी छोटी चीज़ों पर ध्यान देने की आदत है,
पर आज यह कोमा, यह फुल स्टॉप को,
एक पोटली में बाँध कर फेंक आई हूँ मैं.
उसी मन के भंवर मे,
जिससे लड़ के, छीन के लाई थी तुम्हे,
क्योंकि इनके पीछे पड़ी रही तो खो जयोगे तुम,
कभी ना मिलने के लिए.
जैसे वो गोल-गोल फ़ुल स्टॉप,
जो बीच मे आ गया है हमारे.
और अपने भीतर ही समेट ली हैं उसने वो सारी बातें,
जो अब बिना बोले जाए ही बेहरा कर देंगी इस रिश्ते को.
मुझे छोटी छोटी चीज़ों पर ध्यान देने की आदत है,
जैसे वो घुमावदार कोमा,
रोक कर खड़ा है उन शब्दों के बहाव को,
जिनसे सबकुछ साफ़ हो सकता है,
इंतज़ार कर रहा है किसी के उसको सुलझाने का.
जानता नही कि सही जगह लगकर,
वो खुद ही अपनी समस्याओं का समाधान बन जाएग.
मुझे छोटी छोटी चीज़ों पर ध्यान देने की आदत है,
जैसे वो इनवरटेड कोमा की जोड़ी
जो फुदक फुदक कर वही बात चिल्लाए जा रही है.
बस कोई सुनता नहीं,
शायद समय की भूल भुलैया में खोकर,
वो शब्द अपना अस्तित्व गवा चुकें हैं.
मुझे छोटी छोटी चीज़ों पर ध्यान देने की आदत है,
पर आज यह कोमा, यह फुल स्टॉप को,
एक पोटली में बाँध कर फेंक आई हूँ मैं.
उसी मन के भंवर मे,
जिससे लड़ के, छीन के लाई थी तुम्हे,
क्योंकि इनके पीछे पड़ी रही तो खो जयोगे तुम,
कभी ना मिलने के लिए.
Gazab hai yaar!!!
ReplyDeletethanks alot!!
DeleteGood going Shorya. Keep trying.
ReplyDeletethanks di :D
Deleteबेहतरीन
ReplyDelete❤️
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